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वर्तमान से कतई संतुष्ट न रहें A Beautiful Business Management Story in Hindi

वर्तमान से कतई संतुष्ट न रहें  जो व्यक्ति परिवर्तन का जोखिम लेने से इनकार कर देता है, वह आगे बढ़ने में असफल हो जाता है।  लीडर्स वर्तमान स्थिति को तो देखते ही हैं, परंतु इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि वे भविष्यदृष्टि का प्रयोग करके यह भी देख लेते हैं कि भविष्य में क्या हो सकता है। वे कभी यथास्थिति से संतुष्ट नहीं होते।  परिभाषा के अनुसार नेतृत्व करने का अर्थ है सबसे आगे चलना, नई जगह पर सबसे पहले पहुंचना, नए संसार पर विजय पाना और यथास्थिति से दूर जाना। डोना हैरिसन के अनुसार, 'महान लौडर्स कभी वर्तमान प्रदर्शन के स्तर से संतुष्ट नहीं होते। वे लगातार सफलता के ज्यादा ऊंचे स्तर तक पहुंचने की ताक में रहते हैं।  वे स्ययं यथास्थिति से आगे चले जाते हैं और आसपास के लोगों से भी ऐसा ही करने विकास मंत्र की अपेक्षा रखते हैं। यथास्थिति से असंतुष्ट होने का य अर्थ नहीं है कि आपका नजरिय नकारात्मक हो जाए या आप बड़बड़ाने लगे, इसका अर्थ तो अलग होने और जोखिम लेने की इच्छा से है। जो व्यक्ति परिवर्तन का जोखिम लेने से इनकार कर देता है, वह आगे बढ़ने में असफल हो जाता है।...

सार्थक जीवन के लिए हृदय को पवित्र बनाए

छोटी-छोटी तकलीफो की वजह से हर चिंता में मत पड़े रहो। धैर्य रखो, यही मौलिक शक्तिदायक औषधि है। जो कुछ तुम खाते हो, जो कुछ तुम देखते हो, कुछ सुनते हो और जो इंद्रियों द्वारा ग्रहण करते वह सब तुम्हारे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बाहरी जगत से तुममें तीन प्रकार की प्रतिक्रियाएं होती हैं तन प्रकार के मनुष्य होते हैं, जिनमें एक प्रतिक्रिया की अपेक्ष दूसरी प्रबल रहती है।  जिस प्रकार रुई जिस चीज में भ इसे डुबोया जाता है उसे वह अपने में सोख लेती है। पत्थर, जिस पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं होता तथा मक्खन, जो दूसरों के संसर्ग में बदलता रहता है, चाहे हल्की ऊष्णता ही क्यों न हो। मक्खन के प्रकार के मनुष्य दूसरों के सुखों या दुखों में सहानुभूति से तत्काल द्रवित हो जाते हैं।  इसलिए मैं कहता हूं कि छोटी-छोटी तकलीफों की वजह से मानसिक रोगियों के समान हमेशा चिंता में मत पड़े रहो। धैर्य रखो, यही मौलिक शक्तिदायक औषधि है, समय से पहले हार मत माना।  लंबा जीवन ही सब कुछ नहीं, यदि तुम और, और जीते रहो तो एक समय आएगा कि तुम प्रभु से प्रार्थना करोगे कि वह तुम्हें उठा ले तथा इस दुख का...

असफलता में ही सफलता निहित होती है : Learn by Mistake in Motivation Story in Hindi

सीमा से परे कृुछ करने में भले पहले नाकामी मिले, लेकिन वह सफलता की ओर बढ़ा कदम होता है। आ में से कितने लोगों ने भारोतोलन प्रतियोगिता देखी है? एक महत्वपूर्ण बात जो आप सभी ने देखी होगी वह यह है कि प्रत्येक भारोत्तोलक अपनी ज्ञात क्षमता से कुछ किलोग्राम अधिक बजन उठाने की कोशिश करता है।  जहां अधिकांश अपनी इस कोशिश में कामयाब हो जाते हैं, वहीं कुछ के हिस्से में नाकामी भी आती है। यह अलग बात है कि इस नाकामी से उन्हें कोई शिकवा नहीं होता।  कारण, उन्हें अपनी क्षमता से परे जाकर प्रयास करने का संतोष अधिक होता है। इसके उलट अधिकांश मामलों में हम अपनी सीमाओं के भीतर काम करते हैं शायद ही हम कभी अपनी सीमा से परे जाकर कुछ करने की कोशिश करते हों।  इस तरह हम अपने आप को एक मानसिक बंधन में जकड़ लेते हैं और मानने लगते हैं कि परंपरागत लक्ष्यों को ही हम हासिल कर सकते हैं। एक लीडर होने के  लीडरशिप मंत्र  नाते जरूरी है कि हम पूर्व निर्धारित लक्ष्य से परे एक अतिरिक्त कदम और उठाएं।   एक बार जब आप अंतिरिक्त कदम उठाएंगे तो आपका सामना किसी न किसी सुखद आश्...