तीन पत्तियों वाला बिल्वपत्र शिव जी को अत्यंत प्रिय है, शिवजी काल के नियंत्रक देवता हैं। इसलिए सांसारिक दृष्टि से मृत्यु हो या बुरा वक्त शिव की नियमित भक्ति से टल जाते हैं। शिवजी को तीन पत्ती वाले बिल्वपत्र चढ़ाना न केवल पाप का नाश करता है, बल्कि पाप नाश होने से घर में धनलक्ष्मी आती है, जो सभी कार्य और मनोरथ सिद्ध कर देती है। ⠀ पंचोपचार पूजा में गंध, अक्षत के बाद तीन पत्ती वाले 11, 21, 51 या श्रद्धानुसार अधिक से अधिक बिल्वपत्र शिवलिंग पर इस मंत्र को बोलते हुए चढ़ाएं..⠀ ⠀ त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं त्रयायुधम्⠀ त्रिजन्म पापसंहारंमेकबिल्वं शिवार्पणम⠀ ⠀ पूजा, नैवेद्य व बिल्वपत्र अर्पण के बाद शिव मंत्र जप, स्तुति कर शिव आरती करें।⠀ जिस तरह चैत्रमाह के आते ही पृथ्वी अन्नमय और प्राणी राममय हो जाते हैं उसी तरह #श्रावण का माह आते ही पृथ्वी हरे रंग की चादर ओढ़ लेती है और प्राणी शिवमय हो जाता है। श्रावण में शिवपूजा करना, कावड़ चढाना, रुद्राभिषेक करना, शिव नाम कीर्तन करना, शिवपुराण का पाठ करना अथवा शिव कथा सुनना, दान्पुन्य करना तथा ज्योतिर्लिंगों के द...