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श्रेय में दूसरों को भी साझेदार बनाएं - Great Satisfaction comes from sharing with others - Behind A Hindi in Story

हर काम अकेले कर लेना संभव नहीं है। सफलता की राह में दूसरों को भी साझेदार बनाते उनके साथ श्रेय और प्रशंसा बांटें । श्वर उस व्यक्ति के माध्यम से जबर्दस्त काम कर सकता है, जिसे इस बात की परवाह न हो कि श्रेय किसे मिलेगा और वह सभी के साथ श्रेय, शक्ति तथा प्रशंसा बांटने का इच्छुक हो। अतीत में अक्सर यह देखा गया है कि एक से अधिक कंपनियां सफलता के एक निश्चित दौर में पहुंचने के बाद खत्म होने लगीं । आखिर इसका कारण क्या था?  दरअसल जिस व्यक्ति ने बिजनेस शुरू किया और विकसित किया, वह ऐसे बिंदु पर पहुंच गया, जहां वह अकेले ही पूरे प्रशासन को नहीं संभाल सकता था, परंतु वह अपने दूसरे साथियों को यह काम सौंपने की हिम्मत नहीं जुटा पाया कई लोग दूसरों को काम सौंपने से डरते हैं, क्योंकि ये सोचते हैं।  कि कोई दूसरा उस काम को उतने अच्छे तरीके से नहीं कर सकता, जितनी अच्छी तरह से वे कर सकते हैं। बेहतर यही है कि जय आप ऐसी स्थिति में पहुंच जाएं कि अकेले ही सब कुछ संभालना मुमकिन न हो तो भी अपनी जिम्मेदारियों और कामयाबी में साझेदार बनाएं। किसी दूसरे को अपने से बुरा काम करने दें. बजाय इसके कि क...

सार्थक जीवन के लिए हृदय को पवित्र बनाए

छोटी-छोटी तकलीफो की वजह से हर चिंता में मत पड़े रहो। धैर्य रखो, यही मौलिक शक्तिदायक औषधि है। जो कुछ तुम खाते हो, जो कुछ तुम देखते हो, कुछ सुनते हो और जो इंद्रियों द्वारा ग्रहण करते वह सब तुम्हारे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बाहरी जगत से तुममें तीन प्रकार की प्रतिक्रियाएं होती हैं तन प्रकार के मनुष्य होते हैं, जिनमें एक प्रतिक्रिया की अपेक्ष दूसरी प्रबल रहती है।  जिस प्रकार रुई जिस चीज में भ इसे डुबोया जाता है उसे वह अपने में सोख लेती है। पत्थर, जिस पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं होता तथा मक्खन, जो दूसरों के संसर्ग में बदलता रहता है, चाहे हल्की ऊष्णता ही क्यों न हो। मक्खन के प्रकार के मनुष्य दूसरों के सुखों या दुखों में सहानुभूति से तत्काल द्रवित हो जाते हैं।  इसलिए मैं कहता हूं कि छोटी-छोटी तकलीफों की वजह से मानसिक रोगियों के समान हमेशा चिंता में मत पड़े रहो। धैर्य रखो, यही मौलिक शक्तिदायक औषधि है, समय से पहले हार मत माना।  लंबा जीवन ही सब कुछ नहीं, यदि तुम और, और जीते रहो तो एक समय आएगा कि तुम प्रभु से प्रार्थना करोगे कि वह तुम्हें उठा ले तथा इस दुख का...

असफलता में ही सफलता निहित होती है : Learn by Mistake in Motivation Story in Hindi

सीमा से परे कृुछ करने में भले पहले नाकामी मिले, लेकिन वह सफलता की ओर बढ़ा कदम होता है। आ में से कितने लोगों ने भारोतोलन प्रतियोगिता देखी है? एक महत्वपूर्ण बात जो आप सभी ने देखी होगी वह यह है कि प्रत्येक भारोत्तोलक अपनी ज्ञात क्षमता से कुछ किलोग्राम अधिक बजन उठाने की कोशिश करता है।  जहां अधिकांश अपनी इस कोशिश में कामयाब हो जाते हैं, वहीं कुछ के हिस्से में नाकामी भी आती है। यह अलग बात है कि इस नाकामी से उन्हें कोई शिकवा नहीं होता।  कारण, उन्हें अपनी क्षमता से परे जाकर प्रयास करने का संतोष अधिक होता है। इसके उलट अधिकांश मामलों में हम अपनी सीमाओं के भीतर काम करते हैं शायद ही हम कभी अपनी सीमा से परे जाकर कुछ करने की कोशिश करते हों।  इस तरह हम अपने आप को एक मानसिक बंधन में जकड़ लेते हैं और मानने लगते हैं कि परंपरागत लक्ष्यों को ही हम हासिल कर सकते हैं। एक लीडर होने के  लीडरशिप मंत्र  नाते जरूरी है कि हम पूर्व निर्धारित लक्ष्य से परे एक अतिरिक्त कदम और उठाएं।   एक बार जब आप अंतिरिक्त कदम उठाएंगे तो आपका सामना किसी न किसी सुखद आश्...

ज्यादा सोच- विचार से बढ़ती हैं उलझनें ! Jyaada Soch Vichaar Se Badhatee Hain Ulajhanen

किसी कार्य के बारे में बहुत ज्यादा सोचने से यही बेहतर है कि उंस पर काम शुरू कर दिया जाए। बचपन से मुझे लिखने से चिढ़ थी। इसका कारण यह है कि मेरे लेखन माकरण की काफी गलतियां होती, मेरी तबीयत बहुत खराब है। इस वजह से में लिखने में अपना समय और ऊर्जा बर्बाद क्यों करू, लिखने की अपेक्षा बोलकर अपनी बातों को दूसरों तक पहुंचाना ज्यादा सरल है। काफी समय तक ऐसा ही चलता रहा।  आखिर फरवरी 2007 में मेरे गुरु ने भुझे अपने नेतृत्व संबंधी अनुभवों को कागज पर उतारने के लिए मजबूर किया। मैं इसके लिए हिचक रहा था और मैंने न लिखने के लिए उनसे हजार बहाने बनाए. लेकिन गुरु पीछे पड़ गए और उन्होंने मुझे बचने का कोई मौका नहीं दिया। आखिर मैंने अपने विचारों को लेखनबद्ध करना शुरू किया। मेरे लिए लिखना वाकई कठिन था और अपनी मर्जी के बिरुद्ध यह कार्य करने के कारण मैं अक्सर दिमागी उलझन में फंस जाता, लेकिन धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा और मेरे लेखन में प्रवाह आ गया।    इससे मुझे एक महत्वपूर्ण सबक मिला - किसी कार्य के बारे में बहुत ज्यादा सोचने से वही बेहतर है कि उस पर काम शुरू कर दिया जाए।' सोचना ...

Manjil Ko Pane Ke Liye Sapne Dekhna Jaroori Hai

मंजिल को पाने के लिए सपने देखना जरूरी है। विकेंद्रीकरण के इस युग में सपना ही वह कुंजी है, जो हर एक को बांधे रखती है। सभी सफल लीड़सं के पास उस लक्ष्य का सपना होता है, जिसे वे हांस्सिल करना चाहते हैं। यह सपना उनके हर प्रयास और शक्ति के पीछ़े की उरजा बन जाता है, जो उन्हें सभी सभ से सफलतापूर्वक निकलकर ले जाता है। जब लीडर के पास सपना होता है, तो कह एक मिशन पर होता है। लक्ष्य पूरा करने के लिए घंटों मेहनत की जाती है। व्यक्तिगत अधिकार दरकिनार कर दिए जाते हैं, क्योंकि हिस्सों से अधिक महत्वपूर्ण होती है संपूर्ण टीम। समय को पंख लग जाते हैं, मनोबल शिखर पर होता है, असामान्य उपलब्धि की कहानियां जन्म लेती हैं और प्रतिबद्धता मूल सिद्धांत होती है।  क्यों? क्यांक लोडर के पास एक संपना है। एक बार हेलन केलर से पूछा गया, अंधे पैदा होने से भी बुरी बात वया होगी?' उनका जवाब था, 'आखे होने के वाद भी सपने न देखना। यह दुखद है कि बहुत से लोग लीडर के पद पर है, परंतु उनके पास उस संगठन के लिए कोई सपना नहीं है, जिसका वे नेतृत्व कर रहे हैं। सभी महान लीडरों के पास दो चीजें अवश्य होती हैं- वे जानते हैं क...

Real Story in Hindi भुनभुनाना बंद करें | Bhunabhunaana Band Karen

भुनभुनाना बंद करें अपने हालात पर हमेशा रोते-खीझते रहने और इसके लिए दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अगर खुद अपना भाग्य बदलने के लिए कुछ करें, तो आप अपने प्रतिस्पर्द्धिों से अधिक तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। गाहकों को अच्छी सर्विस देना आपके हाथ में है, क्यॉंकि अच्छी सविस आपके अंतःकरण पर निर्भर करती है। वर्षों पहले में न्यूयॉर्क(अमेरिका) में जेएफके एयरपोर्ट पर टैक्सी की प्रतीक्षा कर रहा था। थोड़ी देर बाद एक टैक्सी आकर मेरे सामने रुकी। उसमें जो बात मैंने सबसे पहले नोटिस की बह यह कि टैक्सी बिलकुल चकाचक और साफ- सुथरी थी। उसका ड्राइवर काफी बना-ठना और स्मार्ट दिख रहा था। उसने अपना परिचय कुछ इस तरह दिया, मैं वैली यानी आपका ड्राइवर हैं। जब तक मैं आपका साजो-सामान अपनी टैक्सी के ट्रंक में लोड करता हूं, मेरी दिली तमन्ना है कि आप मेरी टैक्सी सर्विस के मिशन के बारे में पढ़ लें।  यह कहते हुए उसने एक कार्ड मेरी तरफ बढ़ा दिया। उसमें लिखा था, मेरा मिशन अपने ग्राहकों को दोस्तान माहौल में जल्दी- से-जल्दी, सुरक्षित और कम-से- कम कीमत पर उनकी मंजिल तक पहुंचाना है। इन पंक्तियों को पढ़कर मैं तो भौचक ...

गलतियां से सीखकर सुधरता है मनुष्य - Man learns from mistakes and improves Beautiful Story in Hindi

गलतियां हमें स्वयं को सुधारने का अवसर प्रदान करती है। इन्हें टाला नहीं जा सकता, इन पर नियंत्रण किया जा सकता है। बात सन 1955 की है प्रो. सारभाई धुंबा के दौरे पर आए। उनको नोज-कॉन जेटेसनिंग मैकेनिज्य (रॉकेट के आपभाग को शेष आाचे से नियंत्रि विसमोट करके अलग करने को प्रणाली) का संचालन करके दिखाया जाना था। हमने प्रो. साराभाई से अनयोध किया कि वे औपचारिक रूप से इस तापीय प्रणाल्ती को टाइमर के माध्यम से शुरू करें। प्रो. साराभाई मुस्कुराए और कटन दया दिया लेकिन शुरू नहीं हुई। हम सब अवाक रह गए। मैने प्रनोद काले की वरफ देखा, जिसने टडमर, सरकिट को डिजाइन किया था। इस सब इ असफलता के कारणों का विश्लेषण करने में लग गए किर हमने टनर ुक्ति को हटाकर तापोय प्रणालो को सोधे हो सकिट से जोड़ दिया।   प्रो. साराभाई ने दोबारा कटन दबाया और तापीच प्रणाली शुरू हो गई। साराधाई ने हमें बधाई दे। इस्के चात प्रो. साराभाई के सचिव ने मुझे फोन कर रात के खाने के बाद उनसे मिल लेने को कह मैं थोड़ा घकायाः साराभाई ने मुझे गर्मजोशी के साथ दधाई दी। उसके बाद के उस घहना पर आए, जो उस दिन रुवह घाटेल हुई थी। प्रो. साराभा...